High Blood Pressure in gestation operation pregnancy में बढ़े blood pressure को कैसे संभालें

मां बनना हर महिला के जीवन का बेहद खास दौर होता है । इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं । कुछ बदलाव सामान्य होते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जिन पर खास ध्यान देना जरूरी होता है । pregnancy के दौरान हाई blood pressure यानी उच्च रक्तचाप भी ऐसी ही एक स्थिति है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता । सही समय पर पहचान और High Blood Pressure in gestation operation पर ध्यान देना मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद जरूरी है ।

 pregnancy के 20 सप्ताह के बाद अगर किसी महिला का blood pressureबढ़ना शुरू होता है, तो उसे Gestationalhypertension कहा जाता है । अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में डिलीवरी के बाद यह स्थिति सामान्य हो जाती है । लेकिन जब तक pregnancy चल रही है, तब तक सावधानी और नियमित जांच बेहद जरूरी होती है ।

 क्या होता है Gestationalhypertension?

 Gestationalhypertension वह स्थिति है जब pregnancy के दूसरे आधे हिस्से में पहली बार blood pressureबढ़ता है । यह पहले से मौजूद हाई blood pressureसे अलग होता है । कई बार महिलाओं को इसका कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता, इसलिए नियमित जांच बहुत जरूरी होती है ।

 डॉक्टर हर प्रीनेटल विजिट में blood pressureमापते हैं, क्योंकि कई बार बिना लक्षण के भी यह समस्या बढ़ सकती है । अगर समय रहते इसका पता चल जाए,

 क्रॉनिक हाइपरटेंशन से कैसे अलग है?

 कुछ महिलाओं को pregnancy से पहले ही हाई blood pressureकी समस्या होती है या यह 20 हफ्ते से पहले ही विकसित हो जाता है । इसे क्रॉनिक हाइपरटेंशन कहा जाता है ।

 Gestationalhypertension और क्रॉनिक हाइपरटेंशन में फर्क समझना जरूरी है, क्योंकि दोनों की देखभाल और इलाज का तरीका अलग हो सकता है । इसके अलावा, प्रीक्लेम्पसिया और एक्लेम्पसिया जैसी स्थितियां भी हाई blood pressureसे जुड़ी होती हैं, जो अधिक गंभीर हो सकती हैं ।

 इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

 Gestationalhypertension का सटीक कारण अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है । लेकिन कुछ जोखिम कारक इसकी संभावना बढ़ा सकते हैं

 पहले की pregnancy में हाई blood pressureरहा हो

 किडनी से जुड़ी बीमारी

 डायबिटीज

 20 साल से कम या 40 साल से अधिक उम्र

 जुड़वां या तीन बच्चों की pregnancy

 इन परिस्थितियों में डॉक्टर आमतौर पर अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं और ज्यादा नियमित जांच की सलाह देते हैं ।

 लक्षण जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

 हालांकि कई महिलाओं में कोई खास लक्षण नहीं दिखते, फिर भी कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए

 धीरे- धीरे बढ़ता हुआ blood pressure

 हाथों और पैरों में सूजन

 अचानक वजन बढ़ना

 लगातार सिरदर्द

 ऊपरी पेट में दर्द या असहजता

 धुंधला दिखाई देना

 उल्टी या मतली

 पेशाब करने में परेशानी

 High Blood Pressure in gestation operation कैसे रखें नियंत्रण में?

 pregnancy के दौरान बढ़े blood pressureको संभालना एक संतुलित और सजग दृष्टिकोण मांगता है । इसमें जीवनशैली में बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाइयों का सहारा शामिल होता है ।

 1. नियमित जांच सबसे जरूरी

 हर प्रीनेटल विजिट पर blood pressureकी जांच कराना बेहद जरूरी है । इससे किसी भी बदलाव को समय रहते पकड़ा जा सकता है । अगर डॉक्टर को जरूरत लगे तो घर पर भी blood pressureमॉनिटर रखने की सलाह दी जा सकती है ।

 संतुलित आहार अपनाएं

 pregnancy में पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी है । अपनी थाली में ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल करें । नमक की मात्रा सीमित रखें और तली- भुनी चीजों से दूरी बनाएं । पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है ।

 हल्का व्यायाम करें

 डॉक्टर की सलाह से हल्की वॉक या प्रेग्नेंसी योग करना फायदेमंद हो सकता है । इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और तनाव भी कम होता है । लेकिन कोई भी व्यायाम शुरू करने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें ।

 4. दवाइयों का सही उपयोग

 अगर blood pressureज्यादा बढ़ जाए तो डॉक्टर एंटी- हाइपरटेंसिव दवाइयां दे सकते हैं । दवाइयों का सेवन बिना सलाह के कभी न करें । सही समय पर सही दवा लेना मां और बच्चे दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है ।

  शिशु की नियमित निगरानी

 हाई blood pressureका असर बच्चे की ग्रोथ पर पड़ सकता है । इसलिए डॉक्टर अल्ट्रासाउंड या फेटल हार्ट मॉनिटरिंग की सलाह दे सकते हैं, ताकि बच्चे की सेहत पर नजर रखी जा सके ।

 कब जरूरी हो सकता है जल्दी डिलीवरी?

 कुछ मामलों में अगर मां या बच्चे के लिए खतरा बढ़ जाए, तो डॉक्टर समय से पहले डिलीवरी की सलाह दे सकते हैं । कई बार 37 हफ्तों से पहले भी डिलीवरी करनी पड़ सकती है । यह फैसला डॉक्टर मां और बच्चे की स्थिति को देखकर लेते हैं ।

 क्या इसे रोका जा सकता है?

 Gestationalhypertension को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता । लेकिन शुरुआती पहचान और नियमित जांच से इसके खतरे कम किए जा सकते हैं ।

 प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही नियमित जांच, स्वस्थ खानपान और संतुलित जीवनशैली अपनाने से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है ।

 डिलीवरी के बाद क्या होता है?

 अधिकतर महिलाओं में डिलीवरी के बाद blood pressureसामान्य हो जाता है । आमतौर पर 6 हफ्तों के भीतर स्थिति स्थिर हो जाती है ।

 हालांकि, जिन महिलाओं को pregnancy के दौरान हाई blood pressureरहा हो, उनमें भविष्य में हाई blood pressureकी संभावना बढ़ सकती है । इसलिए डिलीवरी के बाद भी नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखना जरूरी है ।

 भावनात्मक देखभाल भी उतनी ही जरूरी

 pregnancy के दौरान सिर्फ शारीरिक ही नहीं, मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना जरूरी है । तनाव और चिंता भी blood pressureको प्रभावित कर सकते हैं । परिवार का सहयोग, पर्याप्त आराम और सकारात्मक सोच इस समय बेहद काम आते हैं ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top